Kumar Vishwas Desh Bhakti Shayari in Hindi - shayariXpert

Kumar Vishwas Desh Bhakti Shayari in Hindi

Kumar Vishwas Desh Bhakti Shayari in Hindi, एक बहुत प्रसिद्ध विषय है जिसे लोग खोजते हैं लेकिन इस खूबसूरत विषय पर बहुत कम साइटें उपलब्ध हैं और इसलिए हम फिर से उनकी अनूठी शायरी का एक बेहतरीन संग्रह लेकर आए हैं। . अब तथ्य यह है कि उनके उद्धरणों को इकट्ठा करना बहुत कठिन काम है और कड़ी मेहनत को सफलता मिलेगी यदि आप सभी हमें पहचानते हैं। इसमें कोई शक नहीं कि हम भारतीय अपने देश को अपनी मां की तरह प्यार करते हैं इसलिए जब हम अपने देश से जुड़ी किसी भी चीज की बात करते हैं तो हम बहुत गंभीर हो जाते हैं और अगर यह Desh Bhakti Quotes से संबंधित है तो हम वास्तव में प्यार करते हैं वो कोट्स बिना सोचे समझे फिर क्योंकि ये हमारे देश के बारे में बताता है। उम्मीद है कि आप इसका आनंद लेंगे।


Desh Bhakti Shayari in Hindi

kumar vishwas desh bhakti shayari in hindi
kumar vishwas desh bhakti shayari in hindi

Ye waqt bahut hee naajuk hai,
Hum par hamle dar hamle hai …
dushman ka dard yahi toh hai ,
hum har hamle par sambhale hai …

ये वक्त बहुत ही नाजुक है,
हमारे ऊपर बहुत सारा हमले है …
दुश्मन का दर्द यही तो है ,
हम हर हमले पर संभले है … ।।


देश भक्ति शेर

Jab sukh main nind leta hain hum
Tab hamare jaise koi khara hain seema par
Kabhi mat vulo us veer jawan ko
Jinone hamare lia chora khud ka ghar

जब सुख मैं नींद लेते हैं हम
तब हमारे जैसे कोई खरा हैं सीमाना पर
कभी मत भूलो उस वीर जवान को
जिन्होने हमारे लिए चोरा खुद का घर


Lade hamara santan veeron kee tarah,
jab khoon dhara ki tara nikal para
akhri dam tak larte rahe woh,
tab hee to hamara desh swadhin hua

लड़े हमारा संतान वीरों की तरह,
जब खून धारा की तरह निकल पड़ा
आखरी दम तक लड़ते रहे वो,
तब ही तो हमारा देश स्वाधीन हुआ


कुमार विश्वास देशभक्ति शायरी कविता

Kumar Vishwas desh bhakti shayari

Unka hausle ka bhugtaan kya karega koi ,
unka shahadat ka karz swadesh par udhar hai,
aap aur hum isalie khushaal hai kiuki ,
seema par sainik shahaadat ko hain taiyaar

उनका हौसले का भुगतान क्या करेगा कोई ,
उनका शहादत का कर्ज स्वदेश पर उधार है ,
आप और हम इसलिए खुशहाल है किउकी ,
सीमा पर सैनिक शहादत को हैं तैयार


देश भक्ति शायरी पाकिस्तान के खिलाफ

Pyaara desh bhaarat hamaara ,
sab deshon se alag hai …
har jaga har ek mausam iska ,
kaisa sundar nashera hai … ..

भारत प्यारा देश हमारा ,
सब देशों से अलग है …
हर जाइगा हर एक मौसम इसका ,
कैसा सुंदर नौशेरा है … ..


Raakhiyon kee prateeksha , sindoor daan ki pira
deshit pratibaddh yuva ka sapna tumko pranam hai
bahan ke biswas bhai ke mitrata kul ke sahaare
pita ke brat ke phalit maan ke nayan tumako pranam hai

राखियों की प्रतीक्षा , सिन्दूर दान की व्यथाऒं
देशहित प्रतिबद्ध यौवन कै सपन तुमको प्रणाम है
बहन के विश्वास भाई के मित्रता कुल के सहारे
पिता के व्रत के फलित माँ के नयन तुमको प्रणाम है


Kumar Vishwas Ki Kavita

Kumar Vishwas desh bhakti shayari in hindi

Rang badalata har mausam ,
bas yaheen suhaana lagata hai ,
mere mulk kee mittee ke aage ,
ye sansaar puraana lagata hai .

रंग बदलता हर मौसम ,
बस यहीं सुहाना लगता है ,
मेरे मुल्क की मिट्टी के आगे ,
ये संसार पुराना लगता है


Kumar Vishwas Desh Bhakti Shayari in Hindi

Hai pranaam unko ki jo deho ko amaratta dekar
is duniya mein shaurya kee jeevit rachana ho gaye hain
hai pranaam unko ki jinke samane himaalay vi chhota hain
jo dharti par gir pade lekin aasmani ho gaye hain

है प्रनाम उनको कि जो देह को अमरत्व देकर
इस दुनिया में शौर्य की जीवित रचना हो गये हैं
है प्रनाम उनको की जिनके सामने हिमालय वि छोटा हैं
जो धरती पर गिर पड़े लेकिन आसमानी हो गये हैं


Pita jinke khoon ne ujaal kiya kul vansh maatha
maa wahi jo khud se is desh kee raj taul aaee
bahan jinone saawan mein maan liya patajaar basant hee
Apni bahe na uljhen kalai se jo rakhi khol layi

पिता जिनके खून ने उज्जवल किया कुल वंश माथा
मां वही जो खुद से इस देश की रज तौल आई
बहन जीनोने सावन में मान लिया पतझर बसंत ही
भुजा ना उलझें कलाई से जो राखी खोल लाई



Kumar Vishwas Desh Bhakti Shayari in Hindi

Kumar Vishwas desh bhakti shayari

Hai pranam unako ki jinko kaal paakar hua paavan
shikhar jinke pair chhookar aur maanee ho gaye hain
kanchani tan, chandni man, aansoo, pyaar, sapane
swadesh ke hit kar chale sab kuchh havan tumako pranam hai

है प्रणाम उनको कि जिनको काल पाकर हुआ पावन
शिखर जिनके पैर छूकर और मानी हो गये हैं
कंचनी तन, चन्दनी मन, आँसू, प्यार, सपने
स्वदेश के हित कर चले सब कुछ हवन तुमको प्रणाम है


देश भक्ति शायरी पाकिस्तान के खिलाफ

Hamne bheja hain sikandar sar jhukae maat khaai
hamse takaraana hain woh jinka maan dhara se bhar gaya hai
nark mein tum pooch lena apane bujurgon se kabhi bhee
sher ke daanton se gintee seekhane vaalon vir jawan ke aage

हमने भेजे हैं सिकन्दर सर झुकाए मात खाऐ
हमसे टकराना हैं हैं वो जिनका मन धरा से भर गया है
नर्क में तुम पूछ लेना अपने बुजुर्गों से कभी भी
बाघ के दांतों से गिनती सीखने वालों वीर जवन के आगे


हम जानते हैं कि आप Kumar Vishwas Desh Bhakti Shayari in Hindi का आनंद ले रहे हैं क्योंकि यह एक बहुत ही सामान्य विषय है जिसमें बहुत कम उपलब्ध साइटें हैं। यहां आपको मिलता है, डॉ. कुमार विश्वास सर के शीर्ष पन्द्रह desh bhakti quotes जो आप न केवल अपने दोस्तों के साथ साझा कर सकते हैं बल्कि व्हाट्सएप स्टेटस के रूप में भी उपयोग कर सकते हैं। हमारी साइट का उल्लेख करना न भूलें shayarixpert.in और हमारे facebook पेजको भी फॉलो करें जहां हम दैनिक आधार पर अपडेट देंगे। अब शेष उद्धरणों को समाप्त करते हैं।


Kumar Vishwas Desh Bhakti Shayari

Aag ka chingaari swadhinata kee sulagee mere jashn mein hai ,
kraanti kee jaalaen lipatee mere badan mein hai …
dehaant jaha jannat ho ye baat mere batan mein hai ,
aatmabalidaan ka jasba jinda mere kafan mein hai … ..

आग का चिंगारी स्वाधीनता की सुलगी मेरे जश्न में है
क्रांति की ज्वालाएं लिपटी मेरे बदन में है …
देहांत जहा जन्नत हो ये बात मेरे वतन में है ,
आत्मबलिदान का जज्बा जिंदा मेरे कफ़न में है … ।।


Kumar Vishwas Patriotic Shayari Hindi

Kumar Vishwas desh bhakti shayari in hindi

Kuch prshta padhakar itihaas ke ,
mere desh ke seene mein shamashir ho gae…
jo lade yudh pe jo mere woh shaheed ho gae ,
jo dar main jhuke woh wajeer ho gae

कुछ पृष्ठ पढ़कर इतिहास के ,
मेरे देश के सीने में शमशिर हो गए…
जो लड़े युद्ध पे जो मेरे वो शहीद हो गए ,
जो डरे मैं झुके वजीर हो गए… ।।


Kumar Vishwas Desh Bhakti Shayari in Hindi

So gaya apanee bharat mata ke liye,
ma mujhe apane aanchal mein tum chhupa lo…
haath apana rakh lo mere baalon mein ,
Mera bachpan kee loriyaan suna do…

सो गया अपनी भारत माता के लिए ,
मा मुझे अपने आंचल में तुम छुपा लो…
हाथ अपना रखलो मेरे बालों में ,
मेरा बचपन की लोरियां सुना दो… ।।


कुमार विश्वास देश भक्ति शायरी इन हिंदी

Chalo phir se hum woh smriti yaad kar le ,
shaheedon ke dil mein thi woh dard yaad kar le…
jis wajase aajadee pauchhi thi kinaare ,
sainik ka khoon kee woh dhaara yaad kar le…

चलो फिर से हम वो स्मृति याद कर ले ,
शहीदों के दिल में थी वो दर्द याद कर ले…
जिस वजह से आजादी पहुंची थी किनारे
सैनिक का के खून की वो धारा याद कर ले… ।।


कुमार विश्वास देश भक्ति शायरी इन हिंदी, अगर आप उनकी शायरी पढ़ेंगे तो आप समझ सकते हैं कि उन्होंने हमारे देश, हमारे सैनिकों को कितनी खूबसूरती से समझाया। अगर हम वतन शायरी पढ़ते हैं तो हम सभी को अपने देश पर गर्व महसूस होता है। अब आपका कर्तव्य हमारी पोस्ट को हर जगह फैलाना है और हम जानते हैं कि आप हमारे लिए ऐसा करेंगे और कृपया हमारी साइट shayarixpert.in का उल्लेख करें। हमारी साइट पर जाएँ और इसे एक्सप्लोर करें, इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें। आज के लिए, अलविदा!

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अंतिम शब्द:
आशा है कि आपको सभी Kumar Vishwas Desh Bhakti Shayari in Hindi पसंद आएंगे। अपने दोस्तों के साथ यह पोस्ट साझा करें। धन्यवाद।

1 comment

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